बुधवार, २१ मई २००८

गीता मे कहा गया है...


कर्म करते रहो॥ फल की इच्छा मत करो॥


आज के कार्पोरेट वर्ल्ड में क्या ये फिट बैठता है?


फल की इच्छा सबसे पहले तय करो। कर्म करने के लिए आपके एक्जीक्यूटिव हैं ना!